Dr. Avyact Agrawal

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Dr. Avyact Agrawal

Dr Avyact Agrawal is a well known Pediatrician and Allergist in Jabalpur Madhya Pradesh.
He is a MBBS, MD ,PGPN Pediatrics and Allergy Specialist. He is also working as an Associate Professor Pediatrics in NSCB Medical college Jabalpur.
Dr Avyact has worked as a Senior Resident in AIIMS New Delhi.
He has many international indexed research paper, and he has been invited as National Faculty in various conferences.
His life journey is remarkably inspiring, as he had a difficult childhood. He used to work as a tourist guide in Madhya Pradesh's hill station "Pachmarhi". from there without any much of support his perseverance brought him to a level where his life motto is to motivate young students and to spread scientific awareness about various health issues. He is the author of 3 popular books.
one was for medical students.
another 2 are collection of heart melting stories, love stories and motivational stories. book is available in Kindle version as "Sahi ke Hero 2" .
Dr Avyact Agrawal is a regular health columnist of leading newspapers like Dainik Bhaskar.
His opinions are being taken by various news papers and TV channels time to time.
Dr Avyacts Youtube channel on Health Fitness and Practical Motivation is increasing rapidly.
He is training , helping large number of new doctors as well as BAMS, BHMS doctors.
His motivational lectures are quite popular among schools and colleges.
Awards
He has got James Flett National award during his MD for best thesis.
Raja Ram Mohan Roy award by Delhi Sahitya Parishad.
Best Doctor award By Naiduniya Paper group.

  • HIG Quatrer, Near Dhanwantri Nagar Chowk, Near Medical College, MP Housing Board Colony, Dhanvantari Nagar, Jabalpur, Madhya Pradesh 482003
  • +91-9009039964
  • dravyactagrawal@gmail.com
  • www.dravyactagrawal.in
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  • डिप्रेशन: एक विस्तृत जानकारी।

    डिप्रेशन: एक विस्तृत जानकारी।

    जब से मैंने फेसबुक पर लिखना शुरू किया,बहुत से लोग डिप्रेशन ,या निराशा से उबरने के उपाय इनबॉक्स में पूछते हैं।
    साथ ही शिशुरोग विशेषज्ञ एवं एलर्जी विशेषज्ञ होने के बावज़ूद क्लीनिक पर भी इस तरह की सलाह के लिए परिवार आते हैं।

    तो सोचा डिप्रेशन या अवसाद पर एक विस्तृत जानकारी आपको दूं।

    डिप्रेशन इस समय (ischemic heart disease)
    के बाद दूसरी सबसे ज़्यादा होने वाली बीमारी बन गयी है।
    शहरी क्षेत्रों में लगभग 15 प्रतिशत लोगों को एक वर्ष में डिप्रेशन का एपिसोड हो चुका होता है।

    महिलाओं में डिप्रेशन पुरुषों की तुलना में ज़्यादा होता है।
    प्रत्युषा सुसाइड के पहले गंभीर डिप्रेशन में रहीं होंगी।
    आये दिन आप बेहद सफल लोगों के सुसाइड या डिप्रेशन की खबर सुन अवाक् रह जाते हैं।
    फिर वो लोग जो अभी डिप्रेस नहीं हैं उन्हें जज करते हैं और कहते हैं,कायर थी,पलायनवादी थी,मूर्ख थी।लाइफस्टाइल ख़राब थी।बहुत महत्वकांक्षी थी।बिगड़ी हुई थी।फ्लॉप हो रही थी।लिव इन में रहने वालों का तो यही होना है।

    आप बेहद हंसमुंख हैं,मिलनसार हैं,बातूनी हैं।तो क्या आप कभी इसके शिकार नहीं हो सकते?
    गलत धारणा है।जिस तरह मलेरिया या डेंगू हमें हो सकता है,उसी तरह डिप्रेशन भी किसी को भी कभी भी हो सकता है।कोई भी इम्यून नहीं।

    आखिर आज आप जब खुश हैं तो कुछ प्राकृतिक रसायन डोपामिन और सेरोटोनिन के सही अनुपात की वजह से हैं।
    इस अनुपात में nanogram का परिवर्तन आपके व्यक्तित्व,नज़रिये और विचार शक्ति को पूरी तरह बदल सकता है।
    क्या कभी आप ऐसे किसी केमिकल को कण्ट्रोल करने की कोशिश करते हैं।नहीं न।ये प्रकृति और आपके जीन्स करते हैं आपके लिए।और कभी कभी जेनेटिक कोडिंग में गलती इन जादुई रसायनों का अनुपात बिगाड़ देती है।इस डिप्रेशन को endogenous डिप्रेशन कहते हैं।4 वर्ष के छोटे बच्चे को भी हो सकता है।
    बुजुर्गों में डिप्रेशन बेहद कॉमन है,लगभग 70 प्रतिशत तक को हो सकता है।
    Endogenous डिप्रेशन में सिर्फ सलाह काम नहीं करती।
    जागरूकता के अभाव में उन्हें लोग ऐसा कहते मिल जायेंगे "यार तुम खुश क्यों नहीं रहते।"
    "इतने निराशावादी क्यों हो।"
    "खुश रह कर देखो।देखो हम कैसे खुश हैं।"
    "यार दुनिया बड़ी सुन्दर है।नज़र होनी चाहिए।"
    "चल दो पैग पीते हैं।सब ठीक हो जायेगा।"
    "मैडिटेशन किया कर।"
    लेकिन endogenous डिप्रेशन में सलाह तब तक काम नहीं करेगी जब तक उस रासायनिक अनुपात को न ठीक किया जाये।दवाओं से।
    उपरोक्त सलाह उसी तरह की हैं कि किसी अंधे को कहा जाये कि भाई देख के तो देख।दिखता है।कोशिश करने से दिखता है।देख हमें दिखता है,आसान है तुझे भी दिखेगा।देख के तो देख।

    परिस्थिति जन्य डिप्रेशन हम सबको ही हो सकता है है,मुश्किल हालातों में।और इस तरह के डिप्रेशन से छुटकारा निम्न उपायों से संभव है।

    1.समस्या के मूल को समझना।यदि समस्या का हल है तो उसका सामना करना और कोशिश में जुटना हल करने की।
    2.मूल समस्या का यदि हल नहीं तो दिमाग को तैयार करना उस समस्या को स्वीकार और आत्मसात करने को।हाँ ये संभव है।

    3.excercise....खेल कूद

    एक बेहद strong antidepressant है।
    जिम ज्वाइन करना,योगा क्लास,एरोबिक्स ये सब endorphins का स्त्राव कराते हैं ब्लड में जो कि सुकून और खुशी का अहसास कराने वाला रसायन है।
    साथ ही इंडोर्फिन्स मानसिक एवं शारीरिक दर्द से भी लड़ते हैं।
    4.अच्छी किताबें,
    भी मन की एक अच्छी खुराक है।अच्छी किताबें जादुई असर करती हैं।शब्द आपके मस्तिष्क की कोशिकाओं में एक अद्भुत अनुभव के रूप में समाहित हो सकते हैं।

    5.दर्शन,philosophy

    जब  पता होता है कि आप इस ब्रह्माण्ड की एक छोटे से छोटे बिंदु से भी छोटी इकाई हैं । तो खुद को और अपने जीवन की घटनाओं को थोड़ा हल्के से लेते हैं।विजय सिंह ठकुराय की पोस्ट पढ़ना ब्रह्माण्ड पर, हमारे दम्भ और निराशा दोनों को दूर करेंगी ये पोस्ट।

    सच तो ये है कि हम मनुष्य कुछ जटिल रासायनिक प्रक्रियाओं से ज़्यादा कुछ भी नहीं।
    हमारा तो खुद अपने शरीर पर ही कण्ट्रोल 1 प्रतिशत से भी कम है।
    आपकी ह्रदय गति 70 से 90 के बीच होगी अभी ये पढ़ते हुए।पल्स देखिये।150 नहीं न।तो क्या ये ह्रदय गति भी आपने कोशिशों से सेट की है?
    बहुत कुछ ऐसा है जो प्रकृति आपके लिए बिना कहे कर रही है।
    कभी कुछ कोशिशें नाकाम हुईं तो क्या।
    5. अच्छी नींद लेना।

    फेसबुक,व्हाट्सप्प या आपका काम नींद के आड़े न आये।
    नींद के समय प्रकृति आपके दिमाग के इंजन को बंद कर रिपेयरिंग करती है।तो उसे मौका दीजिये रोज़ सर्विसिंग और रिपेयरिंग का।

    6.रिश्ते

    रिश्तेदार,दोस्त,जानवर,पौधे  आपके साथ आपके युग में जीते हुए आपको सुरक्षा और खुशी का अहसास कराते हैं।इनके प्रति अच्छी और प्रेम भरी भावनाएं रखिये।वो भी आप से वैसी ही सुरक्षा चाहते हैं क्योंकि वो भी डिप्रेस हो सकते हैं।

    Never be judgmental towards a depressed person...
    Be supportive..
    As you are equally prone to have it..

    आपका
    अव्यक्त

    मेरे युट्यूब चैनल पर  डिप्रेशन पर तीन वीडियो लेक्चर है जिसे आप देख और  subscribe  कर सकते हैं।

    देखने के लिए यूट्यूब सर्च पर Dr Avyact Agrawal  type करें
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